सीखो और कमाओ योजना की पात्रता: कौन आवेदन कर सकता है और अब यह किस नाम से चल रही है
कल्पना कीजिए
कि आपने सीखो और कमाओ योजना के बारे में पढ़ना शुरू किया और पाँच अलग-अलग साइटें खोल
लीं। पहली पर लिखा है कि उम्र 14 से 35 के बीच होनी चाहिए, दूसरी कहती है 45 तक चलेगा,
और तीसरी सीधे योजना का नाम ही कुछ और बता रही है। ऐसे में यह तय करना मुश्किल हो जाता
है कि किस पर भरोसा किया जाए। इसीलिए मैंने बाकी साइटों को छोड़कर अल्पसंख्यक कार्य
मंत्रालय के अपने पन्नों और गाइडलाइंस से मिलान किया।
इस पोस्ट में आपको एक ही जगह पर पता चल जाएगा कि पात्रता की असली शर्तें क्या हैं, योजना का नाम क्यों बदल गया, और आवेदन के लिए आपको किस तरफ़ जाना है। अगर आप Seekho Aur Kamao Scheme Eligibility खोज रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए है। थोड़ी लंबी ज़रूर है, पर आखिर तक पढ़ेंगे तो आप खुद जाँच पाएँगे कि आप योग्य हैं या नहीं।
सबसे पहले
यह जान लीजिए: योजना का नाम बदल चुका है
यह वह बात
है जो ज़्यादातर पुरानी पोस्ट में छूट जाती है। "सीखो और कमाओ" की शुरुआत
साल 2013-14 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने की थी, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं
को ऐसे हुनर सिखाए जाएँ जिनसे नौकरी मिले या वे अपना काम शुरू कर सकें।
अगर आप गूगल
पर "सीखो और कमाओ योजना" का अलग फॉर्म ढूँढ रहे हैं, तो वह आपको नहीं मिलेगा।
वजह यह है कि यह योजना अब PM VIKAS (प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन) नाम की बड़ी छतरी
के नीचे आ गई है, जहाँ नई मंज़िल, नई रोशनी, हमारी धरोहर और उस्ताद भी साथ चलती हैं।
सीखो और कमाओ का पुराना काम, यानी आज के बाज़ार में काम आने वाले हुनर सिखाना, अब इसके
"नॉन-ट्रेडिशनल स्किलिंग" हिस्से में होता है। इसे ऐसे समझिए: एक तरफ़ कारीगरी
और दस्तकारी की ट्रेनिंग है, और दूसरी तरफ़ वे कोर्स हैं जो आपको सैलून, सिलाई-फैशन,
कंप्यूटर या रसोई जैसे किसी काम में नौकरी या अपना काम शुरू करने लायक बना दें।
सरल शब्दों
में कहूँ तो: आज अगर कोई आपसे कहे कि "सीखो और कमाओ में दाखिला हो रहा है",
तो असल में वह PM VIKAS के तहत चल रही ट्रेनिंग की बात कर रहा होता है। पात्रता भी
अब PM VIKAS की गाइडलाइंस के हिसाब से ही देखी जाती है।
इसे भी
जरूर पढ़ें:- स्किल इंडिया मिशन क्या है? फ्री ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट की पूरी जानकारी
पात्रता
के नियम: एक-एक करके
अब असली मुद्दे
पर आते हैं। मंत्रालय की PM VIKAS वेबसाइट पर लाभार्थियों की पात्रता जिस तरह दी गई
है, उसे मैं आपको आसान भाषा में समझाता हूँ।
1. समुदाय। इस योजना का दरवाज़ा पारसी, जैन, बौद्ध,
सिख, ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए खुलता है, यानी वही छह समुदाय जिन्हें
केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक का दर्जा दे रखा है। इनमें से किसी में आपकी गिनती होती
है, तो पहला पड़ाव आप पार कर चुके हैं।
2. उम्र। गाइडलाइंस में 14 से 45 साल की उम्र
के लाभार्थियों को प्राथमिकता देने की बात है, और जिन्हें प्राथमिकता देनी है उनमें
आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के लोगों का ज़िक्र खास तौर पर है। पुरानी वेबसाइटों
पर जो 14 से 35 साल लिखा मिलता है, वह योजना के पुराने रूप की सीमा थी। एक बात और ध्यान
रखिए कि अलग-अलग ट्रेनिंग एजेंसी अपने बैच के लिए थोड़ी अलग सीमा रख सकती हैं। जैसे
आईआईटी धारवाड़ ने 2026-27 के अपने बैच की FAQ में 18 से 45 साल लिखा है। इसलिए जिस
बैच में आवेदन करना है, उसका नोटिस ज़रूर पढ़ें।
3. शिक्षा। अलग से कोई एक तय डिग्री नहीं माँगी
गई है। नियम यह है कि जिस कोर्स (जॉब रोल) में आप दाखिला ले रहे हैं, उसके लिए
NSQF में जो न्यूनतम शिक्षा और अनुभव तय है, वह आपके पास होना चाहिए। किसी कोर्स में
कम शिक्षा चल सकती है और किसी में ज़्यादा माँगी जा सकती है, यह पूरी तरह उस कोर्स
की NSQF शर्त पर निर्भर करता है। पहले इस योजना में कम से कम पाँचवीं पास होने की बात
लिखी मिलती थी, पर आज का आधार कोर्स की NSQF शर्त है।
4. महिलाओं
के लिए आरक्षण। कुल
लक्ष्य में कम से कम 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए रखी गई हैं। अगर आप महिला हैं
तो यह आपके पक्ष की बात है।
5. दूसरे
समुदाय के ज़रूरतमंद।
कुछ ट्रेनिंग संस्थाएँ अपने बैच में दूसरे समुदायों के आर्थिक रूप से कमज़ोर उम्मीदवारों
के लिए भी थोड़ी सीटें रखती हैं, ताकि आपसी मेल-जोल बढ़े। यह हर बैच में बराबर नहीं
होता, इसलिए पक्का करके ही आगे बढ़ें।
6. आधार। गाइडलाइंस के अनुसार प्रशिक्षण शुरू
होने से पहले उम्मीदवार के पास आधार कार्ड या आधार से जुड़ा बैंक खाता होना चाहिए।
अगर नहीं है, तो ट्रेनिंग एजेंसी को इसकी व्यवस्था करनी होती है।
एक नज़र
में
|
बात |
क्या
है |
|
योजना का
मौजूदा नाम |
PM
VIKAS (नॉन-ट्रेडिशनल स्किलिंग हिस्सा) |
|
कौन चलाता
है |
अल्पसंख्यक
कार्य मंत्रालय, भारत सरकार |
|
समुदाय |
मुस्लिम,
ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी |
|
उम्र |
आम तौर
पर 14 से 45 साल (बैच के हिसाब से फ़र्क़ संभव) |
|
महिलाओं
के लिए |
कम से कम
33% सीटें |
|
शिक्षा |
कोर्स की
NSQF शर्त के अनुसार |
|
दूसरे समुदाय
के आर्थिक रूप से कमज़ोर आवेदक |
कुछ बैच
में थोड़ी सीटें, संस्था के नोटिस में लिखा होता है |
|
ज़रूरी
पहचान |
आधार या
आधार-लिंक्ड बैंक खाता |
किन लोगों
को अक्सर दिक्कत आती है
आवेदन करने
वालों में जो गलतियाँ सबसे आम दिखती हैं, उन्हें सीधे लिख देता हूँ:
पुरानी उम्र
सीमा देखकर खुद को अयोग्य मान लेना। अगर आपकी उम्र 36 से 45 के बीच है और आपने किसी
पुरानी पोस्ट में 35 साल पढ़कर हाथ खींच लिया, तो एक बार नए बैच की जानकारी देख लीजिए।
कोर्स की
शैक्षिक शर्त देखे बिना किसी भी कोर्स में नाम लिखवा देना, और बाद में पता चलना कि
उस जॉब रोल के लिए आपकी योग्यता कम पड़ रही है।
इसी विषय
पर और जानें:- सीखो और कमाओ योजना 2026: प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड कैसे पाएं?
ट्रेनिंग
कैसी होती है
PM VIKAS
की गाइडलाइंस के अनुसार स्किलिंग वाले कोर्स की अवधि कम से कम 3 महीने और ज़्यादा से
ज़्यादा 12 महीने रखी गई है। कोर्स NSQF के मानकों पर आधारित होते हैं, यानी आखिर में
आपको एक मान्यता प्राप्त सर्टिफ़िकेट मिल सकता है। नॉन-ट्रेडिशनल हिस्से में मंत्रालय
का एक लक्ष्य 75 प्रतिशत प्लेसमेंट का भी है, हालाँकि यह लक्ष्य है, गारंटी नहीं। नौकरी
मिलेगी या नहीं, यह आपकी मेहनत, कोर्स और स्थानीय बाज़ार पर भी निर्भर करता है।
कुछ वेबसाइट
पर प्रशिक्षण के दौरान मासिक वज़ीफ़े की रकम भी दी गई है, लेकिन मुझे उसकी पुष्टि मंत्रालय
के किसी पन्ने पर एक नज़र में नहीं मिली। इसलिए वज़ीफ़ा मिलेगा या नहीं और कितना, यह
उसी एजेंसी से पूछिए जिसके बैच में आप जुड़ रहे हैं।
आवेदन
कैसे करें
अब सवाल उठता
है कि फॉर्म आखिर भरना कहाँ है? यहीं ज़्यादातर लोग उलझ जाते हैं। मान लीजिए आप मंत्रालय
की साइट खोलकर "आवेदन करें" का बटन ढूँढ रहे हैं। वहाँ ऐसा कोई सीधा बटन
आपको नहीं मिलेगा, क्योंकि इस योजना की पढ़ाई मंत्रालय खुद नहीं कराता। उसने यह काम
उन संस्थाओं पर छोड़ा है जिन्हें PIA (प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी) कहते हैं।
कौन-सा कोर्स चलेगा, कितनी सीटें होंगी और दाखिले की आखिरी तारीख क्या है, ये बातें
हर संस्था अपनी वेबसाइट पर खुद डालती है।
एक उदाहरण
देखिए। आईआईटी धारवाड़ भी इस योजना के तहत 2026-27 के लिए ट्रेनिंग करा रहा है, और
उसकी अपनी FAQ है जिसमें उसकी अपनी शर्तें लिखी हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में यही ज़िम्मा
HPCED के पास है। दोनों जगह योजना एक ही है, पर आपको देखना उस संस्था का पन्ना है जो
आपके राज्य या आपकी पसंद के कोर्स में काम कर रही है।
यह जानकारी
भी काम आएगी:- National Career Service (NCS) Portal पर Registration कैसे करें
आपके लिए
रास्ता कुछ ऐसा बनता है:
पहले अल्पसंख्यक
कार्य मंत्रालय की PM VIKAS वेबसाइट (pmvikas.minorityaffairs.gov.in) देखिए और अपने
राज्य या ज़िले की ट्रेनिंग एजेंसी का पता कीजिए। फिर उस एजेंसी की वेबसाइट पर देखिए
कि कौन-सा कोर्स खुला है, उसकी पात्रता क्या है और आवेदन की आखिरी तारीख कब है। उसके
बाद उनके बताए फॉर्म या गूगल फॉर्म में आवेदन कीजिए और ज़रूरी कागज़ जमा कीजिए। चयन
और काउंसलिंग का तरीका एजेंसी तय करती है, इसलिए फोन-ईमेल पर संपर्क में रहिए।
आम तौर
पर कौन-से दस्तावेज़ लगते हैं
हर एजेंसी
की सूची थोड़ी अलग होती है, पर आम तौर पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज़
फोटो और शिक्षा का प्रमाण माँगा जाता है। कुछ बैच में समुदाय का स्व-घोषणा पत्र या
EWS का प्रमाण भी लग सकता है। अलग-अलग संस्थाओं की सूचियाँ पढ़ने पर यही कागज़ बार-बार
माँगे जाते दिखे, पर अंतिम सूची हमेशा उसी बैच के नोटिस से मिलाइए।
ठगी से
सावधान रहिए
मेरा ब्लॉग
साइबर फ्रॉड पर भी लिखता है, तो यह बात कहे बिना नहीं रह सकता। सरकारी स्किल योजनाओं
के नाम पर "रजिस्ट्रेशन फीस", "सीट पक्की करने का शुल्क" या
"प्लेसमेंट की गारंटी" के बदले पैसे माँगने वाले कई लोग घूमते हैं। यह योजना
केंद्र सरकार के खर्च पर चलने वाली योजना है, इसलिए किसी एजेंट को पैसे देने से पहले
मंत्रालय या संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पुष्टि कर लीजिए। व्हाट्सएप
पर आए अनजान लिंक पर अपना आधार या बैंक डिटेल कभी मत डालिए।
मेरी राय:
आगे क्या करें
अगर आप छह
समुदायों में से किसी से हैं और उम्र की सीमा के भीतर आते हैं, तो सबसे पहले यह तय
कीजिए कि आप सीखना क्या चाहते हैं। फिर अपने राज्य में PM VIKAS की किसी चल रही या
आने वाली ट्रेनिंग को खोजिए। जल्दबाज़ी में कोई भी कोर्स चुन लेने से बेहतर है कि ऐसा
कोर्स चुनें जिसकी माँग आपके शहर में हो। और हाँ, आखिरी तारीख पर नज़र रखिए, क्योंकि
बैच अक्सर सीमित सीटों के साथ निकलते हैं।
संबंधित
लेख:- PM Vishwakarma Yojana Skill Training Guide: पूरी जानकारी हिंदी में
अक्सर
पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या सीखो
और कमाओ योजना बंद हो गई है?
इस नाम से अलग योजना के रूप में नहीं, पर इसका काम खत्म नहीं हुआ है। इसे PM VIKAS
में मिला दिया गया है और यही हिस्सा अब नॉन-ट्रेडिशनल स्किलिंग कहलाता है।
सीखो और
कमाओ योजना की उम्र सीमा क्या है?
PM VIKAS की गाइडलाइंस में 14 से 45 साल का ज़िक्र है। कुछ ट्रेनिंग एजेंसियाँ अपने
बैच के लिए 18 से 45 साल रखती हैं, इसलिए आवेदन से पहले उसी संस्था का पन्ना ज़रूर
देखें।
क्या महिलाएँ
आवेदन कर सकती हैं?
जी हाँ। कम से कम 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए रखी गई हैं।
क्या इसमें
सीधे ऑनलाइन फॉर्म भरकर मंत्रालय से लाभ मिलता है? नहीं, लाभ ट्रेनिंग एजेंसियों
(PIA) के बैच के ज़रिए मिलता है। आपको उस एजेंसी में आवेदन करना होता है जिसके पास
आपके इलाके का बैच खुला है।
क्या दूसरे
समुदाय का गरीब व्यक्ति भी जुड़ सकता है? कुछ ट्रेनिंग संस्थाएँ दूसरे समुदायों के गरीब उम्मीदवारों
के लिए भी थोड़ी जगह रखती हैं। पर यह हर बैच में बराबर नहीं होता, इसलिए उस बैच की
जानकारी देखना ज़रूरी है।
क्या ट्रेनिंग
के बाद नौकरी पक्की है?
नहीं। प्लेसमेंट में सहयोग का लक्ष्य रखा गया है, पर नौकरी की गारंटी कोई नहीं देता।
आधिकारिक
जानकारी कहाँ देखें
- PM VIKAS का लाभार्थी पात्रता
पन्ना:
pmvikas.minorityaffairs.gov.in/page/eligibility-criteria-for-beneficiaries
- अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय:
minorityaffairs.gov.in

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