पंजीकरण से लेकर बैंक
खाते में राशि आने तक - सम्पूर्ण जानकारी, एक ही स्थान पर, सरल हिंदी में।
स्टाइपेंड
(MMSKY) :- ₹8,000 – ₹10,000
आयु सीमा:-
18 – 29 वर्ष
पंजीकरण शुल्क:-
बिल्कुल निःशुल्क
भुगतान विधि:-
DBT (सीधे खाते में)
यदि
आपके मन में भी यह सवाल है - "क्या इस योजना में प्रशिक्षण के साथ पैसे भी मिलते
हैं?", "स्टाइपेंड बैंक खाते में कैसे आता है?", "क्या कोई अलग
फॉर्म भरना पड़ता है?" - तो यह लेख केवल आपके लिए है। यहाँ हम हर एक चरण को सरल
भाषा में समझाएंगे, बिना किसी भ्रम के।
पहले समझें:
"सीखो और कमाओ" - दो अलग योजनाएँ हैं
बहुत से लोग
इन दोनों योजनाओं को लेकर भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि नाम मिलते-जुलते हैं। इसलिए पहले
यह स्पष्ट कर लेते हैं:
|
पहलू |
सीखो
और कमाओ (केंद्र सरकार) |
मुख्यमंत्री
सीखो कमाओ (मध्यप्रदेश) |
|
किसकी
योजना? |
केंद्र
सरकार - अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय |
मध्यप्रदेश
राज्य सरकार |
|
किसके
लिए? |
केवल अल्पसंख्यक
समुदाय (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी) |
मध्यप्रदेश
के सभी बेरोज़गार युवा (18–29 वर्ष) |
|
आधिकारिक
पोर्टल |
seekhoaurkamao-moma.gov.in |
mmsky.mp.gov.in |
|
स्टाइपेंड |
प्रशिक्षण
के दौरान PIA के अनुसार भत्ता |
₹8,000–₹10,000
प्रतिमाह (DBT) |
|
कार्यक्षेत्र |
पूरे भारत
में (PIA के माध्यम से) |
केवल मध्यप्रदेश |
महत्वपूर्ण
सूचना: यदि आप
मध्यप्रदेश से नहीं हैं या अल्पसंख्यक समुदाय से नहीं हैं - तो दोनों में से केवल एक
ही योजना आप पर लागू होगी। इसलिए नीचे दोनों की जानकारी अलग-अलग दी गई है।
यह भी
पढ़े:- PMKVY योजना क्या है? पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया
भाग
1: सीखो और कमाओ - केंद्रीय योजना (अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय)
सीखो
और कमाओ (Learn & Earn) योजना
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने वर्ष 2013-14 में प्रारंभ की थी। यह योजना विशेष रूप
से उन युवाओं के लिए है जो अल्पसंख्यक समुदायों से आते हैं और रोज़गार योग्य कौशल सीखना
चाहते हैं। इसमें कढ़ाई, ज़रदोज़ी, आभूषण निर्माण जैसे पारंपरिक कौशल तथा IT सहायता,
खुदरा व्यापार, स्वास्थ्य सेवा जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं।
आवेदन
कौन कर सकता है?
- अल्पसंख्यक समुदाय: मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध,
पारसी या जैन
- आयु: 14 वर्ष या उससे अधिक (पाठ्यक्रम
के अनुसार भिन्न हो सकती है)
- शैक्षणिक योग्यता: 5वीं पास से स्नातक तक -
पाठ्यक्रम अनुसार
- निवास: भारत
का कोई भी नागरिक जो अल्पसंख्यक समुदाय का सदस्य हो
प्रशिक्षण
के दौरान क्या मिलता है?
इस योजना
में आपको किसी PIA (परियोजना क्रियान्वयन संस्था) के माध्यम से प्रशिक्षण
दिया जाता है। ये संस्थाएँ सरकार द्वारा अनुमोदित होती हैं - कोई NGO, महाविद्यालय
या कौशल केंद्र हो सकती है। प्रशिक्षण के दौरान:
- प्रशिक्षण बिल्कुल निःशुल्क होता
है
- प्रशिक्षण के बाद नियोजन
(Placement) में सहायता मिलती है
- NSDC या राज्य बोर्ड से प्रमाणित
पाठ्यक्रम प्रमाण-पत्र मिलता है
- कुछ PIA संस्थाएँ प्रशिक्षण के
दौरान भत्ता या स्टाइपेंड भी देती हैं - यह PIA की शर्तों पर निर्भर करता है
सीधा
उत्तर: केंद्रीय
सीखो और कमाओ योजना में प्रशिक्षण के दौरान निश्चित मासिक स्टाइपेंड की सरकारी गारंटी
नहीं है - यह PIA पर निर्भर करता है। हाँ, नियोजन के बाद प्रोत्साहन राशि मिलती है
और प्रशिक्षण व्यय कवर होते हैं। यदि आप प्रतिमाह निश्चित स्टाइपेंड चाहते हैं, तो
मध्यप्रदेश की MMSKY योजना अधिक उपयुक्त है (भाग 2 पढ़ें)।
यह भी
पढ़े:- स्किल इंडिया मिशन क्या है? फ्री ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट की पूरी जानकारी
आवेदन
कैसे करें - केंद्रीय योजना
1.
अपने
निकटतम PIA की खोज करें
seekhoaurkamao-moma.gov.in
पर जाएँ। "List of PIAs" अनुभाग में अपने राज्य/जिले के अनुसार अनुमोदित
प्रशिक्षण केंद्र देखें।
2.
ऑनलाइन
आवेदन जमा करें
पोर्टल पर
"Online Application" लिंक पर क्लिक करें। अपनी मूलभूत जानकारी, अल्पसंख्यक
प्रमाण-पत्र और दस्तावेज़ भरें।
3.
चयन
एवं सत्यापन
PIA आपके
आवेदन की समीक्षा करेगी। चयन होने पर प्रशिक्षण की तारीख और केंद्र की सूचना आपको मिलेगी।
4.
प्रशिक्षण
प्रारंभ करें
प्रशिक्षण
केंद्र में नियमित उपस्थिति दर्ज कराएँ। आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
है -इसके बिना कोई लाभ नहीं मिलेगा।
5.
प्रमाण-पत्र
एवं नियोजन
प्रशिक्षण
पूर्ण होने पर SCVT/NSDC प्रमाण-पत्र मिलेगा। PIA नियोजन में सहायता करेगी और नियोजन-पश्चात
लाभ की प्रक्रिया होगी।
भाग २:
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (MMSKY) - मध्यप्रदेश
यह
योजना मध्यप्रदेश के हर बेरोज़गार युवा के लिए है - चाहे अल्पसंख्यक हो या न हो। इसमें
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिमाह ₹8,000 से ₹10,000 की स्टाइपेंड राशि सीधे
बैंक खाते में DBT के माध्यम से आती है। यही इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है।
स्टाइपेंड
कितना मिलेगा? (शैक्षणिक योग्यता के अनुसार)
|
शैक्षणिक
योग्यता |
मासिक
स्टाइपेंड |
|
12वीं पास |
₹8,000 |
|
ITI पास |
₹8,500 |
|
डिप्लोमा
पास |
₹9,000 |
|
स्नातक
/ स्नातकोत्तर |
₹10,000 |
स्टाइपेंड
कैसे बनता है? कुल
स्टाइपेंड में से 75% हिस्सा राज्य सरकार देती है और 25% हिस्सा वह कंपनी देती है जहाँ
आप प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह राशि सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम
से जमा होती है।
यह भी
पढ़े:- भारत की टॉप सरकारी स्किल ट्रेनिंग योजनाएँ जो सच में काम करती हैं
पात्रता
- कौन आवेदन कर सकता है?
- राज्य: मध्यप्रदेश का स्थायी निवासी
होना अनिवार्य है
- आयु: 18 से 29 वर्ष के बीच
- योग्यता: न्यूनतम 12वीं पास (या उससे
अधिक)
- रोज़गार स्थिति: वर्तमान में कोई नौकरी नहीं
होनी चाहिए
- बैंक खाता: आधार से जुड़ा बैंक खाता
होना चाहिए (DBT के लिए)
आवश्यक
दस्तावेज़
आधार कार्ड
मध्यप्रदेश
निवास प्रमाण-पत्र
शैक्षणिक
योग्यता की मार्कशीट
समग्र आईडी
बैंक पासबुक
(आधार-लिंक्ड)
पासपोर्ट
आकार की फोटो
पंजीकृत मोबाइल
नंबर
ईमेल आईडी
चरण-दर-चरण:
पंजीकरण से स्टाइपेंड तक की पूरी प्रक्रिया
अब
उस प्रश्न पर आते हैं जो सबसे अधिक पूछा जाता है - "मैं पंजीकरण कैसे करूँ और
स्टाइपेंड कब मिलेगा?" यहाँ पूरी प्रक्रिया बिल्कुल सरल भाषा में:
1.
आधिकारिक
पोर्टल पर जाएँ
अपने फोन
या कंप्यूटर के ब्राउज़र में mmsky.mp.gov.in टाइप करें। यही योजना का आधिकारिक
पोर्टल है। किसी भी अन्य वेबसाइट पर भरोसा न करें।
2.
"अभ्यर्थी
पंजीकरण" पर क्लिक करें
मुखपृष्ठ
पर "Candidate Registration" का लिंक मिलेगा। उस पर क्लिक करें। एक पृष्ठ
खुलेगा जहाँ पहले निर्देश लिखे होंगे - उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें।
3.
समग्र
आईडी दर्ज करें
अपनी समग्र
आईडी दर्ज करें। यह मध्यप्रदेश सरकार की एक विशेष पहचान संख्या है। यदि समग्र आईडी
नहीं है तो पहले samagra.gov.in पर जाकर बनवाएँ - यह बिल्कुल निःशुल्क है।
4.
OTP
से मोबाइल नंबर सत्यापित करें
आपके समग्र
आईडी से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। वह OTP दर्ज करें। इसके बाद आपकी सारी जानकारी
स्वचालित रूप से समग्र से भर जाएगी।
ईमेल एवं
शेष विवरण भरें
ईमेल आईडी,
शैक्षणिक योग्यता और शेष जानकारी सावधानी से भरें। गलत जानकारी न दें - बाद में समस्या
हो सकती है।
5.
आवेदन
जमा करें एवं लॉगिन आईडी सुरक्षित रखें
फॉर्म जमा
होने के बाद आपको SMS या ईमेल परउपयोगकर्ता आईडी और पासवर्डप्राप्त होगा। इसे
नोट करके रखें - यही आपका पोर्टल लॉगिन होगा।
6. लॉगिन करके प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चुनें
पोर्टल में
लॉगिन करें। यहाँ 700 से अधिक पाठ्यक्रमों की सूची मिलेगी - IT, निर्माण, स्वास्थ्य,
बैंकिंग, खुदरा, आतिथ्य आदि। अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम चुनें।
7.
प्रशिक्षण
संस्था (Establishment) चुनें
अपने पाठ्यक्रम
के लिए पंजीकृत कंपनियों/संस्थाओं की सूची देखें। अपने क्षेत्र के निकट जो उपयुक्त
हो, उसे चुनें। वहाँ आपको व्यावसायिक प्रशिक्षण (OJT) मिलेगा।
8.
प्रशिक्षण
प्रारंभ करें - उपस्थिति अनिवार्य है
प्रशिक्षण
शुरू होने के बादआधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थितिनियमित रूप से दर्ज करानी होगी।
इसके बिना स्टाइपेंड जारी नहीं होगा। इसलिए नियमित और समयबद्ध रहना अत्यंत आवश्यक है।
यह भी
पढ़े:- कौशल भारत मिशन: क्या आपने अपने हुनर का रजिस्ट्रेशन करवाया? मिलेंगे ये 5 बड़ेफायदे
9. स्टाइपेंड सीधे बैंक खाते में आएगा
प्रथम
माह का प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद से स्टाइपेंड DBT के माध्यम से आपके आधार-लिंक्ड
बैंक खाते में जमा होने लगता है। आपको इसके लिए अलग से कुछ नहीं करना होता।
याद
रखें: पंजीकरण
बिल्कुल निःशुल्क है। यदि कोई भी पंजीकरण के नाम पर पैसे माँगे तो समझें वह धोखाधड़ी
है। कभी भी किसी तीसरे पक्ष को अपना आधार या बैंक विवरण न दें।
MMSKY आधिकारिक
पोर्टल पर सीधे पंजीकरण करें — बिल्कुल निःशुल्क, एक ही स्थान से
किन क्षेत्रों
में प्रशिक्षण मिलता है?
दोनों योजनाओं
में विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध है। नीचे कुछ प्रमुख क्षेत्र दिए गए हैं:
सूचना प्रौद्योगिकी,
स्वास्थ्य सेवा, ऑटोमोबाइल, आतिथ्य एवं पर्यटन, निर्माण एवं सिविल, वस्त्र एवं फैशन,
विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खुदरा प्रबंधन, बैंकिंग एवं वित्त, मीडिया एवं मनोरंजन,
सौंदर्य एवं स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण
वे सामान्य
गलतियाँ जो आपको नहीं करनी चाहिए
- समग्र आईडी के बिना आवेदन करना - यह MP योजना के लिए अनिवार्य
है, पहले बनवाएँ
- आधार बैंक से लिंक न होना - बिना लिंक के DBT नहीं
आएगा, पहले बैंक से लिंक कराएँ
- उपस्थिति की अनदेखी करना - बायोमेट्रिक उपस्थिति
छूटी तो स्टाइपेंड रोका जा सकता है
- तृतीय पक्ष वेबसाइटों पर फॉर्म
भरना -
केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें
- गलत शैक्षणिक योग्यता दर्ज करना - जितनी योग्यता हो वही
लिखें, फर्जी प्रमाण-पत्र पर कड़ी कार्रवाई होती है
- प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल नंबर
बदलना —
समग्र से जुड़ा नंबर ही उपयोग होता है, बदलें नहीं
अक्सर
पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्र. क्या
यह योजना केवल मध्यप्रदेश के लोगों के लिए है?
MMSKY
(मासिक स्टाइपेंड वाली योजना) केवल मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए है। केंद्र
सरकार की सीखो और कमाओ योजना पूरे भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए उपलब्ध
है।
प्र. स्टाइपेंड
कब से मिलना शुरू होगा?
प्रशिक्षण
शुरू होने के प्रथम माह के बाद से स्टाइपेंड जारी होता है। पहला स्टाइपेंड सामान्यतः
दूसरे माह के पहले सप्ताह में आता है - यह DBT के माध्यम से सीधे बैंक में जमा होता
है।
प्र. यदि
मेरा बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो क्या होगा?
DBT
के लिए आधार-लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य है। आवेदन करने से पहले अपनी निकटतम बैंक शाखा
में जाकर आधार लिंक करवा लें।
प्र. प्रशिक्षण
पूरा होने के बाद क्या मिलता है?
MMSKY
में प्रशिक्षण पूर्ण होने पर SCVT (राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद) का प्रमाण-पत्र
मिलता है जो नौकरी पाने में सहायक होता है। केंद्रीय योजना में NSDC का प्रमाण-पत्र
मिलता है।
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प्र. क्या
प्रशिक्षण के दौरान मैं नौकरी भी कर सकता हूँ?
नहीं।
योजना की शर्त है कि अभ्यर्थी वर्तमान में बेरोज़गार हो। प्रशिक्षण के दौरान समानांतर
पूर्णकालिक नौकरी करना योजना के नियमों का उल्लंघन है।
प्र. स्टाइपेंड
न आए तो कहाँ शिकायत करें?
MMSKY
के लिए आधिकारिक हेल्पडेस्क ईमेल है: mmsky-mp@mp.gov.in। इसके अतिरिक्त
पोर्टल में लॉगिन करके आप अपनी भुगतान स्थिति भी देख सकते हैं।
प्र. क्या
मैं दोनों योजनाओं में एक साथ आवेदन कर सकता हूँ?
एक
साथ दोनों में सक्रिय प्रशिक्षण नहीं ले सकते। यदि आप मध्यप्रदेश से हैं और अल्पसंख्यक
समुदाय से भी हैं, तो एक समय में केवल एक ही योजना में भाग ले सकते हैं।
और
लास्ट में यही बात कहूंगा कि सीखो
और कमाओ योजना एक वास्तविक रूप से सहायक सरकारी पहल है जो आपको न केवल कौशल सीखने का
अवसर देती है बल्कि प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है। यदि आप मध्यप्रदेश
से हैं, तो MMSKY आपके लिए सर्वाधिक लाभकारी है - क्योंकि यहाँ प्रतिमाह निश्चित स्टाइपेंड
सीधे आपके खाते में आता है। यदि आप अल्पसंख्यक समुदाय से हैं (किसी भी राज्य में),
तो केंद्रीय सीखो और कमाओ योजना में निकटतम PIA खोजकर आवेदन कर सकते हैं।
सबसे
महत्वपूर्ण बात - केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें, पंजीकरण बिल्कुल निःशुल्क
है, और किसी भी दलाल या एजेंट की कोई आवश्यकता नहीं है। अपना आधार और बैंक खाता तैयार
रखें, समग्र आईडी बनवाएँ (यदि मध्यप्रदेश में हैं), और सीधे पोर्टल पर जाकर आवेदन करें।
यह एक सच्चा अवसर है - इसका लाभ अवश्य उठाएँ।
स्रोत
एवं सत्यापन: यह
जानकारी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (minorityaffairs.gov.in), MMSKY आधिकारिक पोर्टल
(mmsky.mp.gov.in) और NSDC के आधिकारिक स्रोतों से ली गई है। तिथियाँ और स्टाइपेंड
राशि सरकारी अपडेट के साथ परिवर्तित हो सकती है - आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल
अवश्य जाँचें।
सरकारी पोर्टल mmsky.mp.gov.in या seekhoaurkamao-moma.gov.in से सत्यापित करें।

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