ATS Friendly Resume कैसे बनाएं!
कुछ दिन पहले मेरे एक जानने वाले ने मुझसे पूछा - "मैंने 50 से ज्यादा जगह अप्लाई किया, अनुभव भी अच्छा है, फिर भी एक भी कॉल नहीं आया, आखिर गलती कहां हो रही है?" जब मैंने उसका रिज्यूमे देखा तो समस्या साफ थी - रिज्यूमे दिखने में भले ही सुंदर था, टेबल और कलरफुल डिज़ाइन से भरा हुआ, लेकिन यही चीज़ उसके खिलाफ जा रही थी। आजकल ज्यादातर कंपनियां रिज्यूमे को इंसान से पहले एक सॉफ्टवेयर को दिखाती हैं, और अगर वो सॉफ्टवेयर ही आपका रिज्यूमे ठीक से पढ़ नहीं पा रहा, तो रिक्रूटर तक पहुंचने का सवाल ही नहीं उठता। आज इसी पूरी समस्या को समझते हैं और एक ऐसा रिज्यूमे बनाना सीखते हैं जो इंसान और सॉफ्टवेयर, दोनों को पसंद आए। पहले यह समझें कि ATS असल में करता क्या है ATS यानी Applicant Tracking System, एक सॉफ्टवेयर होता है जिसे कंपनियां इस्तेमाल करती हैं ताकि हज़ारों रिज्यूमे में से मैन्युअली एक-एक करके छांटना न पड़े। जब आप किसी नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं, तो आपका रिज्यूमे सबसे पहले सीधे रिक्रूटर के पास नहीं जाता, बल्कि इस सॉफ्टवेयर के पास जाता है। यह सॉफ्टवेयर आपके डॉक्यूमेंट को स्कैन करता है, उसमें ...