परिचय
हमारा
भारत एक युवा राष्ट्र है, जहां बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं। लेकिन
अक्सर देखा जाता है कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद कई युवाओं में व्यावसायिक कौशल
की कमी होती है, जिससे उन्हें अच्छी नौकरी मिलने में कठिनाई आती है। इसी समस्या को
दूर करने के लिए भारत सरकार ने 2015 में स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की। यह
मिशन न केवल युवाओं को कौशल प्रदान करता है बल्कि उन्हें फ्री ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट
के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाता है।
2026
में, स्किल इंडिया मिशन और मजबूत हो चुका है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे स्किल
इंडिया डिजिटल हब (SIDH) के माध्यम से लाखों युवा लाभ उठा रहे हैं। इस लेख में
हम स्किल इंडिया मिशन के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे: यह क्या है, इसके उद्देश्य,
फ्री ट्रेनिंग की जानकारी, सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया,
लाभ, सफलता की कहानियां, नवीनतम अपडेट्स और भविष्य की दिशा। यदि आप एक छात्र, बेरोजगार
युवा या कोई भी व्यक्ति हैं जो अपने कौशल को बढ़ाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए
उपयोगी साबित होगा।
स्किल
इंडिया मिशन का मुख्य उद्देश्य 2022 तक 40 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करना था, लेकिन
2026 तक यह लक्ष्य और विस्तारित हो चुका है, जिसमें AI, डिजिटल मार्केटिंग और ग्रीन
जॉब्स जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं। आइए गहराई से समझते हैं।
स्किल
इंडिया मिशन क्या है?
स्किल
इंडिया मिशन, जिसे आधिकारिक रूप से नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन के नाम से भी
जाना जाता है, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसे 15 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इस मिशन का मुख्य फोकस युवाओं को बाजार की
मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार योग्य बन सकें या अपना व्यवसाय
शुरू कर सकें।
मिशन
का संचालन मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MSDE) द्वारा
किया जाता है, और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) इसकी मुख्य एजेंसी
है। NSDC विभिन्न सेक्टर स्किल काउंसिल्स (SSCs) के साथ मिलकर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
चलाती है। 2026 तक, मिशन ने 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को ट्रेनिंग प्रदान की है, और
यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्किल
इंडिया मिशन के अंतर्गत कई सब-स्कीम्स हैं, जैसे:
- प्रधानमंत्री
कौशल विकास योजना (PMKVY):
सबसे प्रमुख योजना, जो फ्री ट्रेनिंग प्रदान करती है।
- जन
शिक्षण संस्थान (JSS):
ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस।
- नेशनल
अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS):
अप्रेंटिसशिप के माध्यम से ट्रेनिंग।
- क्राफ्ट्समैन
ट्रेनिंग स्कीम (CTS):
आईटीआई के माध्यम से।
यह
मिशन न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों पर भी फोकस करता है, जहां महिलाओं और अल्पसंख्यक
समुदायों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। 2026 में, मिशन ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
पर जोर दिया है, जिसमें ऑनलाइन कोर्सेस की संख्या बढ़ाई गई है।
स्किल
इंडिया मिशन के उद्देश्य
स्किल
इंडिया मिशन के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। मुख्य रूप से, यह भारत को एक
"स्किल्ड नेशन" बनाने का प्रयास है। यहां कुछ प्रमुख उद्देश्य हैं:
- कौशल
विकास: युवाओं
को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार कौशल सिखाना, जैसे आईटी, मैन्युफैक्चरिंग,
हेल्थकेयर, टूरिज्म आदि।
- रोजगार
सृजन: ट्रेनिंग
के बाद जॉब प्लेसमेंट सुनिश्चित करना। 2026 तक, मिशन ने 70% से अधिक ट्रेनीज को
जॉब्स प्रदान किए हैं।
- उद्यमिता
प्रोत्साहन:
युवाओं को अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए कौशल और फाइनेंशियल सपोर्ट प्रदान
करना।
- इनक्लूसिव
ग्रोथ: महिलाओं,
एससी/एसटी, दिव्यांगों और ग्रामीण युवाओं को शामिल करना।
- ग्लोबल
स्टैंडर्ड्स:
ट्रेनिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना, जैसे जापान और इजराइल
के साथ पार्टनरशिप।
2025-2026
में, मिशन ने नए उद्देश्य जोड़े हैं, जैसे ग्रीन स्किल्स (पर्यावरण अनुकूल जॉब्स) और
फ्यूचर स्किल्स (AI, रोबोटिक्स) पर फोकस। उदाहरण के लिए, PMKVY 4.0 में 210 घंटे तक
की कस्टमाइज्ड कोर्सेस शामिल हैं।
फ्री
ट्रेनिंग की पूरी जानकारी
स्किल
इंडिया मिशन की सबसे आकर्षक विशेषता है फ्री ट्रेनिंग। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम
से बिना किसी शुल्क के ट्रेनिंग प्रदान करती है। यहां मुख्य फ्री ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
की जानकारी:
1. प्रधानमंत्री
कौशल विकास योजना (PMKVY 4.0)
- लॉन्च: 2022-2026 के लिए अप्रूव्ड,
2025 में रिस्ट्रक्चर्ड।
- ट्रेनिंग
अवधि: शॉर्ट-टर्म
(120-300 घंटे), स्पेशल प्रोजेक्ट्स और रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (RPL)।
- सेक्टर्स: आईटी, डिजिटल मार्केटिंग, हेल्थकेयर,
ऑटोमोटिव, रिटेल, एग्रीकल्चर आदि। 2026 में नए कोर्सेस जैसे AI फाउंडेशन, क्लाउड
कंप्यूटिंग जोड़े गए।
- फ्री
सुविधाएं: ट्रेनिंग,
असेसमेंट और सर्टिफिकेट। कुछ मामलों में स्टाइपेंड भी।
- उदाहरण
कोर्सेस: डिजिटल
मार्केटिंग (बेसिक) - 7 घंटे, सॉफ्टवेयर डेवलपर एसोसिएट, मीडिया कंटेंट डेवलपर।
- कहां
उपलब्ध: स्किल
इंडिया डिजिटल हब (skillindiadigital.gov.in) पर ऑनलाइन, या लोकल ट्रेनिंग सेंटर्स
(PMKK) में ऑफलाइन।
2. स्किल
इंडिया डिजिटल हब (SIDH)
- 2026
का मुख्य प्लेटफॉर्म, जहां हजारों फ्री ऑनलाइन कोर्सेस उपलब्ध हैं।
- कोर्सेस: डिजिटल मार्केटिंग, कोडिंग,
AI, किराना उद्यमी, FPO उद्यमी आदि।
- अवधि: 7 घंटे से लेकर 210 घंटे तक।
- विशेषता: मोबाइल ऐप के माध्यम से एक्सेस,
सेल्फ-पेस्ड लर्निंग।
3.
अन्य फ्री प्रोग्राम्स
- सीखो और कमाओ: अल्पसंख्यक युवाओं के लिए।
- स्वदेश: विदेशी जॉब्स के लिए ट्रेनिंग।
- प्रोजेक्ट AMBER: महिलाओं के लिए स्पेशल।
- NIPUN: निर्माण क्षेत्र में ट्रेनिंग।
- सरकारी आईटीआई में CTS के तहत
फ्री कोर्सेस।
2026
में, फ्री ट्रेनिंग में वृद्धि हुई है, जहां 50% कोर्सेस ऑनलाइन हैं। ट्रेनिंग के दौरान
प्रैक्टिकल सेशन्स, मेंटरिंग और जॉब कनेक्ट शामिल हैं। यदि आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं,
तो लोकल JSS सेंटर्स में जाकर ट्रेनिंग ले सकते हैं।
सर्टिफिकेट
कैसे प्राप्त करें?
स्किल
इंडिया मिशन में सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान और महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह NSQF
(नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) से aligned होता है, जो सरकारी और प्राइवेट जॉब्स
में मान्य है।
प्रक्रिया:
- रजिस्ट्रेशन: skillindiadigital.gov.in पर
जाकर साइन अप करें। आधार कार्ड, मोबाइल नंबर जरूरी।
- कोर्स
सिलेक्शन: अपनी
रुचि के अनुसार कोर्स चुनें। फ्री ऑप्शन फिल्टर करें।
- ट्रेनिंग: ऑनलाइन या ऑफलाइन पूरा करें।
- असेसमेंट: ट्रेनिंग के बाद टेस्ट दें।
पास होने पर सर्टिफिकेट जारी।
- डाउनलोड: पोर्टल से डिजिटल सर्टिफिकेट
डाउनलोड करें।
RPL (रिकग्निशन
ऑफ प्रायर लर्निंग):
- यदि
आपके पास पहले से कौशल है, तो RPL के तहत डायरेक्ट सर्टिफिकेट प्राप्त करें।
- फीस:
न्यूनतम, लेकिन कई मामलों में फ्री।
- 2026
अपडेट: RPL में AI-बेस्ड असेसमेंट शामिल।
सर्टिफिकेट
की वैलिडिटी आजीवन है, और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्य हो सकता है। उदाहरण:
PMKVY सर्टिफिकेट के साथ जापान में जॉब अप्लाई कर सकते हैं।
पात्रता
और आवेदन प्रक्रिया
पात्रता:
- आयु: 18-45 वर्ष (PMKVY के लिए)।
- शिक्षा: न्यूनतम 5वीं पास, लेकिन
कोर्स पर निर्भर।
- अन्य: भारतीय नागरिक, आधार कार्ड
अनिवार्य। महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता।
आवेदन:
- वेबसाइट पर जाएं:
skillindiadigital.gov.in या nsdcindia.org।
- प्रोफाइल बनाएं।
- कोर्स सर्च करें (कीवर्ड: फ्री
ट्रेनिंग)।
- अप्लाई करें, डॉक्यूमेंट्स अपलोड।
- कन्फर्मेशन के बाद ट्रेनिंग शुरू।
2026 में,
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिसमें चैटबॉट सपोर्ट उपलब्ध।
लाभ और
सफलता की कहानियां
स्किल इंडिया
मिशन के लाभ अनेक हैं:
- रोजगार: 70% ट्रेनीज को जॉब मिलती है।
- सैलरी बढ़ोतरी: औसत 20-30% वृद्धि।
- उद्यमिता: स्टार्टअप लोन आसानी से मिलता।
- सामाजिक विकास: ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक
उन्नति।
सफलता
की कहानियां (यूनिक उदाहरण):
- राहुल
की कहानी: उत्तर
प्रदेश के एक गांव से राहुल ने PMKVY से डिजिटल मार्केटिंग सीखा। आज वह अपना ई-कॉमर्स
बिजनेस चला रहा है, सालाना 5 लाख कमाता है।
- प्रिया
की सफलता: बिहार
की प्रिया ने AI कोर्स किया। अब वह एक टेक कंपनी में जूनियर डेवलपर है, मासिक
25,000 सैलरी।
- समूह
सफलता: एक
FPO ग्रुप ने SIDH से ट्रेनिंग ली, अब उनके उत्पाद ऑनलाइन बिक रहे हैं।
ये
कहानियां दिखाती हैं कि मिशन कैसे जीवन बदल रहा है। 2026 में, 10 लाख से अधिक सफल स्टोरीज
रिकॉर्डेड हैं।
नवीनतम
अपडेट्स 2026
2025 में
मिशन को रिस्ट्रक्चर्ड किया गया:
- PMKVY
4.0: फ्यूचर स्किल्स पर फोकस, 210 घंटे कोर्सेस।
- SIDH:
नए कोर्सेस जैसे पॉलीगॉन और कोइनगइको इंटीग्रेशन के साथ क्रिप्टो ट्रेनिंग (लेकिन
सेफ तरीके से)।
- इंटरनेशनल
पार्टनरशिप: इजराइल और जापान के साथ रिफंड प्रोसेस अपडेटेड।
- नई
स्कीम्स: स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड, मार्केट लेड फी-बेस्ड सर्विसेस।
- कोविड
के बाद रिकवरी: ऑनलाइन ट्रेनिंग में 50% वृद्धि।
2026
में, मिशन का बजट 10,000 करोड़ से अधिक है, और टारगेट 2 करोड़ ट्रेनीज।
चुनौतियां
और सुधार सुझाव
हालांकि सफल,
कुछ चुनौतियां हैं जैसे ट्रेनिंग सेंटर्स की कमी, जागरूकता की कमी। सुधार: अधिक डिजिटल
प्रचार, प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ाना।
निष्कर्ष
स्किल
इंडिया मिशन भारत के युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। फ्री ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट
के माध्यम से लाखों जीवन बदल रहे हैं। यदि आप तैयार हैं, तो आज ही
skillindiadigital.gov.in पर रजिस्टर करें। 2026 में, यह मिशन भारत को ग्लोबल स्किल
हब बना रहा है। अपने कौशल को अपग्रेड करें और सफलता प्राप्त करें ।

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