जन शिक्षण संस्थान (JSS) योजना: सस्ती स्किल ट्रेनिंग, पात्रता, कोर्स और आवेदन की पूरी जानकारी
कुछ
दिन पहले मेरे जान-पहचान की एक दीदी ने पूछा कि सुना है सरकार सिलाई और ब्यूटी पार्लर
का कोर्स लगभग मुफ्त में करवाती है, क्या यह सच है? मैंने कहा कि नाम तो ठीक से याद
नहीं, पर ऐसी एक योजना है। उस दिन मैंने खुद बैठकर पूरी जानकारी खंगाली, तब समझ आया
कि यह जन शिक्षण संस्थान यानी JSS की बात कर रही थीं। इंटरनेट पर इसके बारे में आधी-अधूरी
बातें ही मिलती हैं, इसलिए मैंने सरकारी दस्तावेज़ों से जो समझा, वह सब यहाँ आसान भाषा
में लिख रहा हूँ।
JSS असल
में है क्या?
जन शिक्षण
संस्थान केंद्र सरकार की एक स्किल ट्रेनिंग योजना है, जिसका मकसद है उन लोगों तक हुनर
सिखाने वाली ट्रेनिंग पहुँचाना जो बड़े संस्थानों या महंगे कोर्स तक नहीं पहुँच पाते।
इसकी शुरुआत 1967 में "श्रमिक विद्यापीठ" के नाम से हुई थी। साल 2000 में
इसका नाम बदलकर जन शिक्षण संस्थान रखा गया, और जुलाई 2018 में इसे शिक्षा मंत्रालय
से लेकर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अधीन कर दिया गया।
एक बात जो
कम लोग जानते हैं, वह यह कि JSS को सीधे कोई सरकारी दफ्तर नहीं चलाता। हर जिले में
यह किसी पंजीकृत NGO (गैर-सरकारी संस्था) के ज़रिए चलता है, जिसे इसके लिए केंद्र सरकार
से अनुदान मिलता है। इसीलिए आपके जिले का JSS दफ्तर आपको किसी संस्था के परिसर में
भी मिल सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि धीरे-धीरे हर जिले में एक JSS हो, और शुरुआत
में उन जिलों को प्राथमिकता दी जा रही है जो पिछड़े, आकांक्षी, सीमावर्ती या पहाड़ी
इलाकों में आते हैं।
अब यह योजना
अकेली नहीं है। सरकार ने इसे PMKVY 4.0 और PM-NAPS के साथ जोड़कर "स्किल इंडिया
प्रोग्राम" नाम की एक बड़ी छतरी योजना के भीतर रखा है।
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किसके
लिए बनी है यह योजना?
इसका फोकस
उन लोगों पर है जिनकी पढ़ाई बहुत आगे तक नहीं जा पाई। दिशानिर्देशों के मुताबिक लाभार्थियों
में करीब 70 प्रतिशत हिस्सा ऐसे लोगों का रहता है जो निरक्षर हैं, नए साक्षर हुए हैं
या जिनकी पढ़ाई बहुत बुनियादी स्तर की है। लगभग 20 प्रतिशत जगह 12वीं तक पढ़ाई छोड़
चुके लोगों के लिए है और बाकी करीब 10 प्रतिशत ग्रेजुएट लोगों के लिए।
उम्र की सीमा
15 से 45 साल रखी गई है। दिव्यांगजनों और कुछ ज़रूरतमंद मामलों में, खासकर महिलाओं
के लिए, उम्र में छूट दी जा सकती है। प्राथमिकता महिलाओं, SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक
समुदाय के लोगों को मिलती है, चाहे वे गाँव में रहते हों या शहर की कम आय वाली बस्तियों
में।
तो अगर आप
गृहिणी हैं, 10वीं-12वीं के बाद पढ़ाई छूट गई है, या घर बैठे कोई हुनर सीखकर कमाई शुरू
करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके काम की हो सकती है।
कौन-कौन
से कोर्स सिखाए जाते हैं?
कोर्स हर
जिले की स्थानीय ज़रूरत देखकर तय किए जाते हैं। JSS के कर्मचारी पहले इलाके में सर्वे
करते हैं कि वहाँ किस काम की मांग है, फिर उसी हिसाब से बैच चलाए जाते हैं। मोटे तौर
पर कोर्स तीन तरह के होते हैं: उत्पादन से जुड़े, सेवा से जुड़े और IT से जुड़े। साथ
में स्थानीय पारंपरिक हुनर को भी बढ़ावा दिया जाता है।
राष्ट्रीय
स्तर पर राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) ने JSS के लिए
15 कोर्स मंज़ूर किए हैं, जो NSQF के लेवल 2 और 3 से जुड़े हैं। इनमें असिस्टेंट ड्रेस
मेकर (सिलाई), ब्यूटी केयर असिस्टेंट, असिस्टेंट कंप्यूटर ऑपरेटर, हेल्पर इलेक्ट्रिकल
टेक्नीशियन, हेल्पर वायरमैन, दो/तीन पहिया वाहन मैकेनिक हेल्पर, फल-सब्ज़ी प्रोसेसिंग
असिस्टेंट, असिस्टेंट प्लंबर, असिस्टेंट वेल्डर, घरेलू देखभाल सहायक और कुछ हस्तशिल्प
कोर्स जैसे हाथ की कढ़ाई, बाँस का काम, जूट प्रोडक्ट और कालीन बुनाई शामिल हैं।
ध्यान रहे
कि हर JSS पर हर कोर्स उपलब्ध नहीं होता। आपके जिले में कौन-से बैच चल रहे हैं, यह
वहीं के दफ्तर से पता चलेगा।
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ट्रेनिंग
कैसे होती है?
एक बैच में
सामान्यतः 20 लोग होते हैं। पढ़ाई का ज़्यादातर हिस्सा हाथ से काम सीखने पर रहता है,
यानी करीब 70 प्रतिशत प्रैक्टिकल और 30 प्रतिशत थ्योरी। पढ़ाने वाले प्रशिक्षक (रिसोर्स
पर्सन) कोर्स के हिसाब से योग्यता और अनुभव वाले लोग होते हैं और कोशिश रहती है कि
वे स्थानीय हों। पढ़ाई का माध्यम हिंदी या आपकी क्षेत्रीय भाषा होता है, इसलिए भाषा
को लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं।
हाज़िरी आधार
से जुड़े बायोमेट्रिक सिस्टम से लगती है और नामांकन भी आधार के आधार पर होता है। यानी
आधार कार्ड आपके पास होना लगभग तय रूप से ज़रूरी समझें।
फीस कितनी
लगती है?
यहाँ सबसे
बड़ी राहत है। दिशानिर्देशों के अनुसार JSS लाभार्थियों से ज़्यादा से ज़्यादा 100
रुपये प्रति माह फीस ले सकता है। और SC, ST, दिव्यांगजन, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग
और BPL श्रेणी के लोगों से कोई फीस नहीं ली जाती। इसलिए इसे "पूरी तरह मुफ्त"
कहना गलत होगा, पर "बहुत सस्ती" कहना बिल्कुल सही है।
अगर कोई आपसे
इससे कई गुना पैसे माँगे और कहे कि यह JSS की सरकारी फीस है, तो सतर्क हो जाइए। इस
पर मैं नीचे अलग से बात करूँगा।
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सर्टिफिकेट
कैसे मिलता है और उसकी कितनी कीमत है?
ट्रेनिंग
खत्म होने पर आपका मूल्यांकन होता है, जिसमें थ्योरी, प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षा
(वाइवा) तीनों शामिल रहते हैं। इसे जन शिक्षण संस्थान निदेशालय (DJSS) की तरफ से कराया
जाता है। पास होने पर JSS पोर्टल से ऑनलाइन सर्टिफिकेट बनता है, जिस पर राष्ट्रीय चिह्न,
JSS और स्किल इंडिया के लोगो, आपकी फोटो और एक बारकोड/QR कोड होता है, जिससे उसकी सत्यता
जाँची जा सकती है। सर्टिफिकेट अंग्रेज़ी के साथ हिंदी या क्षेत्रीय भाषा में भी होता
है।
सरकारी घोषणाओं
के अनुसार स्किल इंडिया के सर्टिफिकेट NSQF से जुड़े हैं और DigiLocker से भी जोड़े
जा रहे हैं। इसका फायदा यह है कि आप इसे नौकरी के आवेदन में या अपना काम शुरू करते
समय लोन के लिए भरोसे के तौर पर दिखा सकते हैं।
ट्रेनिंग
के बाद क्या?
हर JSS में
एक "आजीविका प्रकोष्ठ" (Livelihood Cell) बनाना ज़रूरी है। इसका काम है प्रशिक्षित
लोगों को स्वरोज़गार या नौकरी की तरफ़ बढ़ाने में मदद करना, जैसे सलाह देना, बैंकों
और सूक्ष्म वित्त संस्थाओं से लोन दिलाने में जोड़ना, और स्वयं सहायता समूह (SHG) बनवाना।
पर मैं सीधी
बात कहूँगा: यह योजना नौकरी की गारंटी नहीं देती। यह हुनर सिखाती है और रास्ते खोलती
है, आगे कितना कमाएँगे यह आपकी मेहनत, इलाके की मांग और आपके अभ्यास पर निर्भर करेगा।
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आवेदन
या नामांकन कैसे करें?
JSS में नामांकन
आपके जिले के JSS केंद्र के ज़रिए होता है, इसलिए सबसे पहला काम है यह पता करना कि
आपके जिले में JSS कौन-सा है। इसके लिए सरकारी पोर्टल jss.gov.in देखिए। इस पोर्टल
पर आम लोगों के लिए "ट्रेनिंग रिक्वेस्ट" की सुविधा भी दी गई है, जिससे आप
अपनी मांग पास के JSS तक पहुँचा सकते हैं। इसके अलावा आप सीधे JSS दफ्तर जाकर भी बात
कर सकते हैं।
आमतौर पर
आधार कार्ड, फोटो, पहचान और पढ़ाई से जुड़े कागज़ माँगे जाते हैं, और अगर आपको फीस
में छूट चाहिए तो श्रेणी का प्रमाण भी। सटीक सूची और चल रहे बैच की तारीखें आपके जिले
का JSS ही बताएगा, क्योंकि यह जगह-जगह थोड़ा अलग हो सकता है।
एक ज़रूरी
बात: इस योजना की मौजूदा स्थिति
इस योजना
की गाइडलाइन में इसकी निर्धारित अवधि 31 मार्च 2026 दी गई थी, और स्किल इंडिया प्रोग्राम
को केंद्र सरकार ने 2025-26 तक जारी रखने की मंज़ूरी दी थी। आगे की अवधि के लिए मुझे
अभी कोई पक्की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली। इसलिए आवेदन करने से पहले jss.gov.in या
अपने नज़दीकी JSS से पूछ लें कि बैच अभी चल रहे हैं या नहीं। गलत उम्मीद लेकर दफ्तर
के चक्कर लगाने से बेहतर है कि पहले फ़ोन करके पक्का कर लें।
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धोखाधड़ी
से कैसे बचें?
मेरी साइट
पर साइबर फ्रॉड पर लिखते-लिखते यह आदत बन गई है कि हर सरकारी योजना के साथ यह चेतावनी
ज़रूर दूँ। सरकारी नियमों में साफ लिखा है कि JSS अपना काम किसी दूसरे को ठेके पर या
फ्रेंचाइज़ी के रूप में नहीं दे सकता। इसलिए अगर कोई कहे कि "हम JSS की फ्रेंचाइज़ी
देते हैं" या "पैसे दो, सर्टिफिकेट घर बैठे बनवा देंगे", तो समझ जाइए
कि कुछ गड़बड़ है। फीस की अधिकतम सीमा 100 रुपये प्रति माह है, और सर्टिफिकेट सिर्फ
ट्रेनिंग और मूल्यांकन के बाद JSS पोर्टल से ही बनता है। किसी एजेंट को पैसे देने से
पहले jss.gov.in पर जाकर पुष्टि ज़रूर कर लें।
अक्सर
पूछे जाने वाले सवाल
क्या
JSS का कोर्स पूरी तरह मुफ्त है?
पूरी तरह नहीं। ज़्यादा से ज़्यादा 100 रुपये प्रति माह फीस ली जा सकती है, लेकिन
SC, ST, दिव्यांगजन, आर्थिक रूप से कमज़ोर और BPL श्रेणी के लोगों से फीस नहीं ली जाती।
क्या
10वीं पास न होने पर भी कोर्स कर सकते हैं?
हाँ, यही इस योजना का मूल उद्देश्य है। कम पढ़े-लिखे और यहाँ तक कि निरक्षर लोगों के
लिए भी ट्रेनिंग रखी गई है।
उम्र की
सीमा क्या है?
सामान्यतः 15 से 45 साल। दिव्यांगजन और कुछ ज़रूरतमंद मामलों में, खासकर महिलाओं के
लिए, छूट मिल सकती है।
क्या पुरुष
भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ। प्राथमिकता महिलाओं और कमज़ोर वर्गों को दी जाती है, पर योजना पुरुषों के लिए
भी खुली है।
क्या सर्टिफिकेट
से सरकारी नौकरी मिल जाती है?
नहीं, यह सर्टिफिकेट आपके हुनर का प्रमाण है और स्वरोज़गार या निजी क्षेत्र में काम
पाने में मदद कर सकता है। सरकारी नौकरी के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया होती है।
मेरे जिले
में JSS है या नहीं, कैसे पता करूँ?
jss.gov.in पर देखें या अपने ज़िला कौशल विकास कार्यालय/ज़िलाधिकारी कार्यालय से पूछें।
बस यही कहना
चाहूंगा कि अगर आपके पास न ज़्यादा डिग्री है, न ज़्यादा पैसे, पर सीखने की इच्छा है,
तो JSS जैसी योजनाएँ एक अच्छा शुरुआती कदम हो सकती हैं। सबसे पहले अपने जिले के
JSS का पता लगाइए, वहाँ चल रहे कोर्स और बैच की जानकारी लीजिए, और फिर तय कीजिए कि
आपके इलाके में किस हुनर की मांग है। अगर आप या आपके घर में कोई इसका फायदा उठाना चाहता
है, तो यह जानकारी उन तक ज़रूर पहुँचाइए।
नोट:- यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता
के उद्देश्य से लिखा गया है। skillraasta.in किसी सरकारी संस्था या मंत्रालय से संबंधित
नहीं है और न ही इस योजना में दाखिला दिलाने की कोई गारंटी देता है। योजना के नियम,
पात्रता, फीस, कोर्स और उपलब्धता समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले
आधिकारिक वेबसाइट jss.gov.in या अपने जिले के जन शिक्षण संस्थान कार्यालय से ताज़ा
जानकारी ज़रूर जाँच लें। किसी भी एजेंट या अनजान व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी
तरह पुष्टि कर लें। इस लेख के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय की ज़िम्मेदारी पाठक की
स्वयं की होगी।
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