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कम पढ़ाई वाले छात्रों के लिए बेस्ट स्किल-बेस्ड करियर ऑप्शन

कम पढ़ाई वाले छात्रों के लिए बेस्ट स्किल-बेस्ड करियर ऑप्शन

परिचय:- आज के दौर में शिक्षा का महत्व तो है, लेकिन डिग्री हमेशा सफलता की गारंटी नहीं होती। भारत में लाखों छात्र ऐसे हैं जो कम पढ़ाई के कारण या आर्थिक मजबूरियों से उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। लेकिन अच्छी खबर यह है कि स्किल-बेस्ड करियर ऑप्शन ऐसे छात्रों के लिए दरवाजे खोलते हैं जहां डिग्री से ज्यादा कौशल मायने रखता है। 2024 के इंडिया स्किल्स रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50% ग्रेजुएट्स स्किल गैप के कारण नौकरी योग्य नहीं होते, जबकि स्किल्ड वर्कर्स की डिमांड बढ़ रही है।

यह लेख उन छात्रों के लिए है जो 10वीं या 12वीं के बाद या बिना डिग्री के करियर बनाना चाहते हैं। हम 20 से ज्यादा बेस्ट स्किल-बेस्ड करियर ऑप्शन पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें आवश्यक स्किल्स, कैसे शुरू करें, सैलरी रेंज, फायदे-नुकसान और सक्सेस स्टोरीज शामिल हैं। ये ऑप्शन भारत के संदर्भ में हैं, जहां डिजिटल इकोनॉमी, ट्रेड्स और फ्रीलांसिंग तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो ये रास्ते आपको लाखों कमाने का मौका दे सकते हैं।

क्यों स्किल-बेस्ड करियर चुनें?

पारंपरिक डिग्री-बेस्ड जॉब्स में कॉम्पिटिशन ज्यादा है, लेकिन स्किल-बेस्ड फील्ड्स में एंट्री आसान है। उदाहरण के लिए, डिजिटल मार्केटिंग या प्लंबिंग जैसे फील्ड्स में सर्टिफिकेट या प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से काम शुरू हो सकता है। एनएसडीसी और टीमलीज की रिपोर्ट्स बताती हैं कि आईटी, हेल्थकेयर और क्रिएटिव जॉब्स में स्किल्ड लोगों की डिमांड 2026 तक दोगुनी हो जाएगी। बिना डिग्री के भी आप फ्रीलांसिंग से ग्लोबल क्लाइंट्स के साथ काम कर सकते हैं। फायदे: कम निवेश, जल्दी कमाई, फ्लेक्सिबल वर्क। नुकसान: शुरुआत में स्ट्रगल, कंटिन्यूअस लर्निंग की जरूरत।

1. डिजिटल मार्केटिंग स्पेशलिस्ट

डिजिटल मार्केटिंग आज की डिजिटल दुनिया में सबसे डिमांडिंग स्किल है। यह ब्रांड्स को ऑनलाइन प्रमोट करने का काम है। कम पढ़ाई वाले छात्रों के लिए परफेक्ट क्योंकि यह सेल्फ-लर्निंग पर आधारित है।

आवश्यक स्किल्स: एसईओ, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, ईमेल मार्केटिंग, गूगल ऐड्स। कैसे शुरू करें: यूट्यूब ट्यूटोरियल्स, गूगल डिजिटल गैरेज या उडेमी से फ्री/सस्ते कोर्स। 3-6 महीनों में बेसिक्स सीखें, फिर फ्रीलांस प्लेटफॉर्म्स जैसे अपवर्क या फाइवर पर प्रोजेक्ट्स लें। सैलरी रेंज: शुरुआत में ₹20,000-₹30,000/महीना, एक्सपीरियंस के साथ ₹1 लाख+। फ्रीलांस में ₹1.5 लाख तक। फायदे: घर से काम, हाई ग्रोथ, क्रिएटिव। नुकसान: तेज बदलाव, कॉम्पिटिशन। सक्सेस स्टोरी: हरश अग्रवाल, जो बिना डिग्री के ब्लॉगिंग से शुरू कर डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बने और ShoutMeLoud ब्लॉग से लाखों कमाते हैं।

2. ग्राफिक डिजाइनर

ग्राफिक डिजाइन विजुअल कंटेंट क्रिएट करने का काम है, जैसे लोगो, पोस्टर्स, वेबसाइट डिजाइन। कम एजुकेशन वाले छात्र क्रिएटिव हों तो यह बेस्ट है।

आवश्यक स्किल्स: एडोब फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, कोरलड्रॉ, कलर थ्योरी। कैसे शुरू करें: कैनवा या फ्री टूल्स से प्रैक्टिस, उडेमी कोर्स (₹500-₹1000)। पोर्टफोलियो बनाएं, फ्रीलांस साइट्स पर अप्लाई। सैलरी रेंज: ₹15,000-₹25,000 शुरुआत, ₹50,000+ एक्सपीरियंस के साथ। फायदे: क्रिएटिव फ्रीडम, रिमोट वर्क। नुकसान: क्लाइंट फीडबैक, डेडलाइन्स। सक्सेस स्टोरी: कई इंडियन फ्रीलांसर्स जैसे प्रिया शर्मा, जो 12वीं के बाद सेल्फ-टॉट बनकर Upwork पर ₹50,000+ कमाती हैं।

3. वेब डेवलपर

वेबसाइट्स बनाना और मेंटेन करना। कोडिंग स्किल्स से बिना डिग्री के एंट्री।

आवश्यक स्किल्स: HTML, CSS, जावास्क्रिप्ट, पाइथन। कैसे शुरू करें: FreeCodeCamp या Coursera से फ्री कोर्स, प्रोजेक्ट्स बनाएं। सैलरी रेंज: ₹25,000-₹50,000, फ्रीलांस में ₹3 लाख/महीना। फायदे: हाई डिमांड, ग्लोबल ऑपर्चुनिटी। नुकसान: कंटिन्यूअस अपडेट। सक्सेस स्टोरी: निकहिल कामथ, Zerodha फाउंडर, ड्रॉपआउट लेकिन कोडिंग स्किल्स से अरबपति।

4. कंटेंट क्रिएटर/यूट्यूबर

वीडियो या ब्लॉग क्रिएट कर कमाई। पैशन फॉलो करने का तरीका।

आवश्यक स्किल्स: वीडियो एडिटिंग, स्टोरीटेलिंग, कंसिस्टेंसी। कैसे शुरू करें: फोन से शुरू, यूट्यूब मोनेटाइजेशन। सैलरी रेंज: ₹50,000-₹5 लाख/महीना। फायदे: इंडिपेंडेंट, फन। नुकसान: शुरुआती स्ट्रगल। सक्सेस स्टोरी: भुवन बाम, BB Ki Vines से करोड़पति, बिना डिग्री।

5. फ्रीलांस राइटर

आर्टिकल्स, ब्लॉग्स लिखना। इंग्लिश अच्छी हो तो आसान।

आवश्यक स्किल्स: राइटिंग, रिसर्च, ग्रामर। कैसे शुरू करें: Medium या LinkedIn से शुरू, फ्रीलांस साइट्स। सैलरी रेंज: ₹20,000-₹1 लाख। फायदे: फ्लेक्सिबल। नुकसान: अनियमित इनकम। सक्सेस स्टोरी: कई इंडियन राइटर्स Upwork पर सफल।

6. इलेक्ट्रीशियन

इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स इंस्टॉल/रिपेयर। ट्रेड जॉब।

आवश्यक स्किल्स: वायरिंग, टूल्स हैंडलिंग। कैसे शुरू करें: आईटीआई कोर्स (6 महीने), अप्रेंटिसशिप। सैलरी रेंज: ₹25,000-₹80,000। फायदे: स्टेबल डिमांड। नुकसान: फिजिकल वर्क। सक्सेस स्टोरी: कई लोकल इलेक्ट्रीशियंस शहरों में अच्छा कमाते।

7. प्लंबर

पाइपिंग, वाटर सिस्टम्स। हाई डिमांड इन कंस्ट्रक्शन।

आवश्यक स्किल्स: प्लंबिंग टूल्स, सिस्टम नॉलेज। कैसे शुरू करें: वोकेशनल ट्रेनिंग, प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस। सैलरी रेंज: ₹20,000-₹50,000। फायदे: क्विक एंट्री। नुकसान: डर्टी जॉब। सक्सेस स्टोरी: आईटीआई ग्रेजुएट्स जो प्राइवेट फर्म्स में काम करते हैं।

8. कारपेंटर

वुडवर्क, फर्नीचर मेकिंग।

आवश्यक स्किल्स: टूल्स यूज, डिजाइन। कैसे शुरू करें: अप्रेंटिसशिप। सैलरी रेंज: ₹15,000-₹40,000। फायदे: क्राफ्टिंग सैटिस्फैक्शन। नुकसान: फिजिकल। सक्सेस स्टोरी: लोकल क्राफ्ट्समेन।

9. मेकअप आर्टिस्ट

ब्यूटी सर्विसेस, वेडिंग्स।

आवश्यक स्किल्स: मेकअप टेक्नीक्स, ट्रेंड्स। कैसे शुरू करें: यूट्यूब, अप्रेंटिसशिप। सैलरी रेंज: ₹15,000-₹1.5 लाख। फायदे: क्रिएटिव। नुकसान: सीजनल। सक्सेस स्टोरी: भारत में कई सेलिब्रिटी आर्टिस्ट्स ड्रॉपआउट्स।

यह भी पढ़े:- 10वीं और 12वीं के बाद सही करियर कैसेचुनें? पूरी प्रक्रिया समझें

10. फोटोग्राफर/वीडियोग्राफर

इवेंट्स, वेडिंग्स कैप्चर।

आवश्यक स्किल्स: कैमरा हैंडलिंग, एडिटिंग। कैसे शुरू करें: प्रैक्टिस, पोर्टफोलियो। सैलरी रेंज: ₹20,000-₹2 लाख/प्रोजेक्ट। फायदे: ट्रैवल। नुकसान: इक्विपमेंट कॉस्ट। सक्सेस स्टोरी: रघु राय जैसे सेल्फ-टॉट।

11. फिटनेस ट्रेनर/योगा इंस्ट्रक्टर

हेल्थ गाइडेंस।

आवश्यक स्किल्स: फिटनेस नॉलेज, कम्युनिकेशन। कैसे शुरू करें: सर्टिफिकेशन, सोशल मीडिया। सैलरी रेंज: ₹20,000-₹1 लाख। फायदे: हेल्दी लाइफ। नुकसान: क्लाइंट डिपेंडेंट। सक्सेस स्टोरी: शिल्पा शेट्टी जैसे इंस्पायरर्स।

12. रियल एस्टेट एजेंट

प्रॉपर्टी सेल/लीज।

आवश्यक स्किल्स: सेल्स, नेटवर्किंग। कैसे शुरू करें: लोकल नॉलेज, कमिशन बेस्ड। सैलरी रेंज: ₹25,000-₹2 लाख/सेल। फायदे: हाई कमिशन। नुकसान: मार्केट फ्लक्चुएशन। सक्सेस स्टोरी: धीरूभाई अंबानी, ट्रेडिंग से शुरू।

13. कैब ड्राइवर

ट्रांसपोर्ट सर्विसेस।

आवश्यक स्किल्स: ड्राइविंग, नेविगेशन। कैसे शुरू करें: लाइसेंस, उबर/ओला जॉइन। सैलरी रेंज: ₹15,000-₹40,000। फायदे: इंडिपेंडेंट। नुकसान: ट्रैफिक। सक्सेस स्टोरी: कई ड्राइवर्स फ्लीट ओनर्स बने।

14. डिलीवरी पर्सन

ई-कॉमर्स डिलीवरी।

आवश्यक स्किल्स: टाइम मैनेजमेंट, कस्टमर सर्विस। कैसे शुरू करें: अमेजन/फ्लिपकार्ट जॉइन। सैलरी रेंज: ₹10,000-₹25,000। फायदे: क्विक जॉब। नुकसान: फिजिकल। सक्सेस स्टोरी: जोमैटो डिलीवरी बॉयज जो प्रमोटेड।

15. डेटा एंट्री क्लर्क

डेटाबेस फिलिंग।

आवश्यक स्किल्स: टाइपिंग, कंप्यूटर बेसिक्स। कैसे शुरू करें: ऑनलाइन जॉब्स। सैलरी रेंज: ₹15,000-₹25,000। फायदे: आसान एंट्री। नुकसान: मोनोटोनस। सक्सेस स्टोरी: कई ऑफिस असिस्टेंट्स प्रमोशन पाते हैं।

16. कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव

क्लाइंट हैंडलिंग।

आवश्यक स्किल्स: कम्युनिकेशन, पेशेंस। कैसे शुरू करें: कॉल सेंटर्स। सैलरी रेंज: ₹15,000-₹30,000। फायदे: ग्रोथ ऑपर्चुनिटी। नुकसान: शिफ्ट्स। सक्सेस स्टोरी: बीपीओ से मैनेजर्स बने।

17. सेल्स रिप्रेजेंटेटिव

प्रोडक्ट्स सेल।

आवश्यक स्किल्स: कन्विंसिंग, वर्क एथिक। कैसे शुरू करें: रिटेल जॉब्स। सैलरी रेंज: ₹20,000-₹50,000+कमिशन। फायदे: हाई इनकम पोटेंशियल। नुकसान: टारगेट्स। सक्सेस स्टोरी: कुणाल शाह, फ्रीचार्ज फाउंडर, सेल्स बैकग्राउंड।

18. एथिकल हैकर/साइबरसिक्योरिटी एक्सपर्ट

सिस्टम्स प्रोटेक्ट।

आवश्यक स्किल्स: नेटवर्किंग, हैकिंग टूल्स। कैसे शुरू करें: सीईएच कोर्स, उडेमी। सैलरी रेंज: ₹40,000-₹2 लाख। फायदे: हाई पे। नुकसान: कॉम्प्लेक्स। सक्सेस स्टोरी: अनकित फाडिया, सेल्फ-टॉट हैकर।

19. स्टॉक मार्केट ट्रेडर

शेयर ट्रेडिंग।

आवश्यक स्किल्स: एनालिसिस, रिस्क मैनेजमेंट। कैसे शुरू करें: सेल्फ-लर्निंग, डेमो अकाउंट। सैलरी रेंज: ₹40,000-₹2 लाख+। फायदे: इंडिपेंडेंट। नुकसान: रिस्की। सक्सेस स्टोरी: राकेश झुनझुनवाला, ड्रॉपआउट ट्रेडर।

20. शेफ/कुक

फूड प्रिपरेशन।

आवश्यक स्किल्स: कुकिंग टेक्नीक्स, हाइजीन। कैसे शुरू करें: होटल मैनेजमेंट डिप्लोमा, अप्रेंटिसशिप। सैलरी रेंज: ₹20,000-₹1 लाख। फायदे: क्रिएटिव। नुकसान: लॉन्ग आवर्स। सक्सेस स्टोरी: संजीव कपूर, सेल्फ-मेड शेफ।

अतिरिक्त टिप्स

  • ट्रेनिंग: आईटीआई, एनएसडीसी कोर्सेस फ्री/सस्ते। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे कौरसेरा, उडेमी।
  • सक्सेस स्टोरीज: रितेश अग्रवाल (OYO), कैलाश कटकर (Quick Heal), जो ड्रॉपआउट्स लेकिन स्किल्स से सफल। मैजिक बस प्रोग्राम से युवराज जैसे युवा जॉब्स पाते हैं।
  • चैलेंजेस: स्किल अपग्रेडेशन, नेटवर्किंग।
  • फ्यूचर: 2026 में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे न्यू स्किल्स।

निष्कर्ष

कम पढ़ाई कोई बाधा नहीं, अगर स्किल्स हैं। धीरूभाई अंबानी से लेकर आधुनिक एंटरप्रेन्योर्स तक, भारत में उदाहरण भरे हैं। मेहनत से शुरू करें, कंसिस्टेंट रहें। यह लेख आपको मोटिवेट करे, एक्शन लें और अपनी कैरियर मोड जर्नी प्रारम्भ करें ।

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